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Kadi mahnat rag lagti hai

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मुकेश धीरूभाई अंबानी (जन्म 19 अप्रैल 1957 को यमन में) एक भारतीय व्यवसायी हैं और इंडिया टाइम्स के अनुसार 31 मार्च 2020 तक उनकी सम्पत्ति लगभग 48 अरब डॉलर हैं। [6] वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक हैं। यह भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी तथा फोर्च्यून ५०० कंपनी है।[7] रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी 47.25 % है | मुकेश अंबानी अभी भी मार्च, 2020 तक एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के 17 वें सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं |[8] उनकी संपत्ति का मूल्य (फोर्ब्स के अनुसार) 48 अरब अमेरिकी डॉलर है, जिससे वे भारत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।[6]तथा उनकी कंपनी रिलायंस जियो भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। जन्ममुकेश धीरुभाई अंबानी 19 अप्रैल 1957 (आयु 62) अदेन (अब यमन[1][2] आवास मुंबई, महाराष्ट्र, भारत राष्ट्रीयता भारतीय शिक्षा प्राप्त की रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान वन विद्यालय (वलथमस्टोव) स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (बंद)[3] व्यवसाय रिलायंस के अध्यक्ष कुल मूल्य  $4,800 करोड़ अमेरिकी डॉलर(31 march 2020)[4] जीवनसाथी नीता अ...

16 -4-2020 Ratan tata

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आज एक ऐसे व्यक्तिकी कहानी बतानेनेवाला हु के वो इन्सान इस दुनियामें एक अमीर व्यक्ति माना जाता है । उनका नाम हैं रतन नवल टाटा (28 दिसंबर 1937, को मुम्बई, में जन्मे) टाटा समुह के वर्तमान अध्यक्ष, जो भारत की सबसे बड़ी व्यापारिक समूह है, जिसकी स्थापना जमशेदजी टाटा ने की और उनके परिवार की पीढियों ने इसका विस्तार किया और इसे दृढ़ बनाया। जन्म 28 दिसम्बर 1937 (आयु 82) सूरत, बम्बई प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत आवास कुलाबा, मुम्बई, भारत[1] राष्ट्रीयता Indian जातीयता पारसी शिक्षा प्राप्त की कॉर्नेल विश्वविद्यालय हार्वर्ड विश्वविद्यालय व्यवसाय टाटा समूह के निवर्तमान अध्यक्ष धार्मिक मान्यता पारसी धर्म जीवनसाथी अविवाहित माता-पिता नवल टाटा (पिता) और सोनू टाटा (माँ) संबंधी जे॰ आर॰ डी॰ टाटा (चाचा) सिमोन टाटा (सौतेली माँ) नोएल टाटा (सौतेला भाई) पुरस्कार पद्म विभूषण (2008) OBE (2009) 1971 में रतन टाटा को राष्ट्रीय रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लिमिटेड (नेल्को) का डाईरेक्टर-इन-चार्ज नियुक्त किया गया, एक कंपनी जो कि सख्त वित्तीय कठिनाई की स्थिति ...

15 -4-2020 jindgi ki Rah

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बस एक बार दो दोस्त थे हो साथमे होस्टेलमे भड़तेथे ओर दोनो जहा जाते थे वो साथ मे जाते थे एक दिन ऐसा आया के बड़े हो गए। पहले लड़का था उनकी जॉब नय मिल लय रही थी वो लड़का एक दिन पेपर पढ़ता था इसमे ऐड डीई ए कम्पनी तो मेरे दोस्त की है फिर उन्हें इंटरवियू दिया ओर दोस्ते होने के नाते उन्हें सेलेक करि लिया ।जिनकी जॉब मीली वो लड़का इनके दोस्तने ने कहा यार आप तो मालिक बने गई और में तो यहाँ ही हु।जो मालिक थे हो बोलो के तेर को याद हो एक बार होस्टल छुटि हुई थी तब लाइट पंखा बंद करने भुल गई थे।तब मेने कहा के चल बंध करके आते ूहै ।तब तूने बोलो ताकि एतो मालिक का है अपने को क्या है। तब मैंने मालिक की तरह सोचते में बंध करके आया बस यही है एक सोच तबभी में मालकी की तरह सोचता था ।